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राष्ट्रिय संस्कृत संस्थानवेदव्यास परिसर

भारत सरकार ने संस्कृत आयोग (1956-1957) की अनुशंसा के आधार पर संस्कृत के विकास और प्रचार-प्रसार हेतु तथा संस्कृत से सम्बद्ध केन्द्र सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के उद्देश्य से 15 अक्टूबर, 1970 को एक स्वायत्त संगठन के रूप में राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान की स्थापना की थी। उसके सदुद्देश्यों की बहुआयामी उपयोगिता को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने उसे मई 2002 को बहुपरिसरीय मानित विश्वविद्यालय के रूप में घोषित किया है। वर्तमान में इस मानित विश्वविद्यालय के दस परिसर देश के नव प्रदेशों में कार्यरत हैं। उनमें हिमाचल प्रदेश की बलाहर स्थान में शिक्षासत्र 1997-1998 से वेदव्यास परिसर सञ्चालित है।

RASHTRIYA SANSKRIT SANSTHAN VEDAVYAS CAMPUS

Vedavyas Campus of Rashtriya Sanskrit Sansthan, Deemed University, New Delhi is situated in Himachal Pradesh. HP state is a land of pristine natural beauty, pure and perfect, that’s why it is called Devbhumi. Politically and geographically, the land faced many upheavals. As a political entity it came into existence on 15th April 1948, as an Union Territory of India. It was constituted by integrating many smaller princely States known as Punjab Hill States. In 1954 some more parts were added, further after reorgnaization of Punjab in 1966 few more parts were annexed to it. Finally HP was given statehood on 25th January, 1971 with Shimla its Capital.